Tuesday, June 20, 2017

आज मायके से लौटते ही बीबी जी नें सारे कमरों की सफ़ाई का संज्ञान लिया फिर क़ाफ़िला रसोई मे रुका सब बर्तन चकाचक चूल्हा साफ़ ,उफ़ पलट कर सीने से लग गईं चेहरा उठाया तो नैनों में दो मोटे मोटे आँसू जो वहाँ से जामुन की तरह टपके तो सीधे मेरी तोंद पर टिके,"तुम घर कितना साफ़ रखते हो मेरा छोना बाबू,मैं बाई के चक्कर में बेकार बी.पी. की पेशेन्ट बन गयी,अब कल से बाई की छुट्टी तुम हो ना...............!!!!!! सोलह सोमवार के व्रत शुरू कर रहा हूँ साथ रहना मित्रों , आमीन।

आज मायके से लौटते ही बीबी जी नें सारे कमरों की सफ़ाई का संज्ञान लिया फिर क़ाफ़िला रसोई मे रुका सब बर्तन चकाचक चूल्हा साफ़ ,उफ़ पलट कर सीने से लग गईं चेहरा उठाया तो नैनों में दो मोटे मोटे आँसू जो वहाँ से जामुन की तरह टपके तो सीधे मेरी तोंद पर टिके,"तुम घर कितना साफ़ रखते हो मेरा छोना बाबू,मैं बाई के चक्कर में बेकार बी.पी. की पेशेन्ट बन गयी,अब कल से बाई की छुट्टी तुम हो ना...............!!!!!!

सोलह सोमवार के व्रत शुरू कर रहा हूँ साथ रहना मित्रों , आमीन।

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